Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat


Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.



The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

मुस्कुरा लेते हैं

अपनी ख़ामोशी को स्याही में मिला देते हैं,
जब ग़म बढ़ जाते हैं तो कलम चला लेते हैं।

जब भी दर्द चीर देता है सीने को,
आंख बंद कर, होंठ भींच, अश्रु घूंट पी लेते हैं।

जब भी लगते हैं विपदाओं के मेले,
उन्हें अपना नसीब समझ अपना लेते हैं।

अपनी ख़ामोशी को कविता में बिखेर,
कुछ हॅंस, तो कुछ मुस्कुरा लेते है।

जब भी याद सताती है किसी भी अपने की
छत पर बैठ भरी आंखों से उस चांद को निहार लेते हैं।

🖊️ रीना कुमारी प्रजापत 🖊️


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


समीक्षा छोड़ने के लिए कृपया पहले रजिस्टर या लॉगिन करें

रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (10)

+

Nand Kishor said

Waah kya bat hai bahut khub 👍

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

शुक्रिया 🙏

शिवचरण दास said

अपनी ख़ामोशी को कविता में बिखेर, कुछ हंस तो कुछ मुस्कुरा देते हैं. ...वाह वाह

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

धन्यवाद आपका 🙏

सुभाष कुमार यादव said

बहुत सुंदर रचना। हृदय को भावों को शब्दों में पिरोने की आपकी कला अद्भुत है।👌👌🙏🙏

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

बहुत बहुत आभार आपका 🙏

जयश्री विलास जोधंळे said

बहुत दर्द छुपा है इस रचना मे पढकर ऐसा लगा कि दुनिया मे कितना गम है मेरा गम कितना कम है ,आप भी ऐसा ही सोचीए

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

जी शुक्रिया आपका 🙏

पवन कुमार "क्षितिज" said

बहुत ही काबिलेतारीफ़ लिखा है आपने 👌👌👍

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

आभार आपका 🙏

Albeli Yadav said

जब भी याद सताती है किसी की अपने की
छत पर बैठ भरी आंखों से उस चांद को निहार लेते हैं। बहुत सुन्दर लिखती हो, आप , किसकी याद सता रही है

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Ji bahut bahut shukriya aapka.. hai aise koi apne... 🙏🙏Sadar pranaam aapko

सुप्रिया साहू said

दर्दों का मिसाल लिए बैठें हैं इस कविता में, कोई अपना हमें छोड़के जाता है तो विपदाएं आती रहती है, और न चाहते हुए भी सबके सामने हमें मुस्कुराना पड़ता है, ये नम आंखे बस उसकी तलाश करती है, बहुत खूबसूरत रचना दीदू 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Ji sahi kaha aapne... Dhanyawad.. pranaam

Vanshika Jethani said

वाह रीना जी ..... बहुत सुंदर रचना 👌👌 दिल को छू गई 💯💯

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Aapke dil ko chhu gai matlab likhna sarthak ho gya....bahut bahut dhanyawad

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

ये कविता एक कविता न होकर एक वेदना सागर है जहां से अपनों की यादों की लहरें उठती हैं। हृदय को छू लेने वाली रचना।🙏🙏🌹🌹👌

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

तह ए दिल से बहुत बहुत शुक्रिया आपका 🙏

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

🌹 खुशियां जो रखे थे दामन में,सारे के सारे बांट दिए,जरा सा गम बचाकर रख लिए, अपनी खुशी के लिए।🌹

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

धन्यवाद जी

कविताएं - शायरी - ग़ज़ल श्रेणी में अन्य रचनाऐं




लिखन्तु डॉट कॉम देगा आपको और आपकी रचनाओं को एक नया मुकाम - आप कविता, ग़ज़ल, शायरी, श्लोक, संस्कृत गीत, वास्तविक कहानियां, काल्पनिक कहानियां, कॉमिक्स, हाइकू कविता इत्यादि को हिंदी, संस्कृत, बांग्ला, उर्दू, इंग्लिश, सिंधी या अन्य किसी भाषा में भी likhantuofficial@gmail.com पर भेज सकते हैं।


लिखते रहिये, पढ़ते रहिये - लिखन्तु डॉट कॉम


LIKHANTU DOT COM © 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम
Designed, Developed, Maintained & Powered By HTTPS://LETSWRITE.IN
Verified by:
Verified by Scam Adviser
   
Support Our Investors ABOUT US Feedback & Business रचना भेजें रजिस्टर लॉगिन