दिल जब से टूटा -टूटा है,
लोग बहुत पूछते हैं,
किस्मत हमसे रूठा -रूठा है,
लोग बहुत पूछते हैं।
कभी खुशियों ने लूटा
कभी गमों ने लूटा
जबसे ये लूटा -लूटा है
लोग बहुत पूछते हैं।
वो इतनी दूर चली गई कि
हमसे तन्हाई छिन गई
लगे सब झूठा -झूठा है
लोग बहुत पूछते हैं।
बसंत बिखरी -बिखरी है,
बहार जली -जली सी है,
सावन जबसे सूखा- सूखा है
लोग बहुत पूछते हैं।
दिल जब आबाद रहा
लोगों में बड़ी चुभन थी
जबसे दर्द उठा -उठा है
लोग बहुत पूछते हैं।।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







