Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

क्या औचित्य उसके आत्मनिर्भर बनने का?

कोई औरत अगर अपने कमाए पैसों को
बिना अपनी मर्ज़ी के किसी की मदद में
नहीं लगा सकती,
तो क्या औचित्य उसके आत्मनिर्भर बनने का?

कोई माँगे उससे मदद
और वो कहे कि अपने पति से पूछूंगी,
तो उसके आत्मनिर्भर बनने का कोई
मतलब ही नहीं निकला।

क्या ही हासिल कर लिया उसने
आत्मनिर्भर बनके,
जब खुद की कमाई के लिए भी
किसी की मदद करने से पहले
गर किसी से पड़े पूछना।

हाँ हो सकता है
कि वो खुद ही ना करना चाहती हो
मदद किसी की,
पति तो बस एक बहाना हो,
पर ऐसा करके वो
अपने पति को ही
बना देती है जग बुरा।


💫 रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' 💫



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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (4)

+

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

विचार तो महिला सशक्तिकरण का है, पर अगर पति से पूछकर मदद करती है तो हर्जा क्या है अगर पति भी किसी की मदद के लिए पत्नी की सलाह लेता है, ये तो आपसी प्रेम और विश्वास का मामला है। रचना सारगर्भित है। सादर नमस्कार!!

सरिता पाठक said

हमारे समाज मे ससुराल मे ये रीती है कि स्वयं के कमाए पैसों को खर्च करने के लिए किसी किसी घर मे पति की परमिशन लेनी पड़ती है यहां तक कि मायके मिले पैसों को भी सास या पति को बताना होता है नारी आत्म निर्भर तो हो गयी है पर अभी वो निर्भया नहीं बनी है 90/परसेंट पत्नी अपने परिवार मे शांति बनाये रखने ke लिए भी ससुराल के नियमों का पालन करती हैँ वैसे रचना बहुत गुस्से मे लिखी गयी है पर क्यों, रचना अच्छी है 👌❤️🌹

Lekhram Yadav said

बहुत खूबसूरत रचना, मगर कुछ कहने से पूर्व स्वंय परिस्थितियों का अनुभव कर लेते तो इस सवाल का जवाब खुद ही मिल जाता, आपको सादर नमस्कार

ललित दाधीच said

आपकी बात सौ प्रतिशत सही है, पर जिसकी मदद की जा रही उसके बारे एक बार बताना चाहिए ताकि कर ना वो बदल ना जाए, आजकल मदद करना बहुत गंभीर मामला हो चुका है, पति पत्नी सिर्फ रिश्ता नहीं बल्कि एक स्वतंत्र भाव है अतः बताना चाहिए , यहाँ आत्मनिर्भरता की बात नहीं है बल्कि सुरक्षा और चेतना की बात है, आप किसी को नहीं बताओगे पर उस ईश्वर को तो पता है, तो वहाँ से कैसे प्रमाण पत्र लोगे आत्मनिर्भरता का, वो तो देख देख करेगा ही, अतः पति को बताने आपकी आत्मनिर्भरता का मान बढ़ता है अगर दोनों सही स्तर हैं तो, आत्मनिर्भरता को रिश्तों के पेंच में उलझाओ दोनों की प्रकृति अलग-अलग हैं, आपकी व्यक्तिगत राय को आप शांत होकर सोचों। बहुत सुंदर रचना लाजवाब ❤️❤️

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