के रख के जान हथेली पे
शूरो ने देश बचाया है
तुम चैन से सोते हो घर में
वीरों ने सुख गवाया है
भूल जन्म की दाता को
भारत को माता बनाया है
ये योद्धाओं की भूमि है
यहां झुकता कोई वीर नहीं
ये बुद्धाओं की ज़मी है
आंखों से बहता नीर नहीं
चिंता की कोई बात नहीं है
सीमाओं पर खड़े जवान
मां भारत के दीवाने है
हाथों में लिए तीर कमान
ये आशिक है उस भारत के
जहां नारी का सम्मान है
यहां केशव है महाभारत के
ये भारत देश महान है
यहां प्रकृति को पूजने वाले
धरती को नमस्कार करे
जो देखे नजर उठा के हिंद
हलक से नीचे तलवार करे
चुपके पापी घात लगाकर
धर्म के ऊपर घात किया
मासूमों का खून बहकर
तुम्हारी भी कोई जात है किया
वो मांग भरी सिंदूरी माथा
बदला मांगे हिंद की माता
शत्रु घुटनों पर मजबूर होगा
हां फिर एक ऐसा रण
ऑपरेशन सिंदूर होगा
है हिंद के वीर ना रोके कोई
हो तूफानों के झोंके कोई
पराक्रम का शोर होगा
हा फिर एक ऐसा रण
ऑपरेशन सिंदूर होगा
नीटू मावी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







