चाॅंद कबसे मेरी खिड़की पे खड़ा है,
ये प्यार मुझसे करने पे अड़ा है।
कहता है तू कर रही इंतज़ार जिसका,
वो कई जिम्मेदारियों में फॅंसा पड़ा है।
आ चल मेरे साथ दिखाता हूॅं तुझे,
तेरा आशिक़ कितनो का सहारा बना है।
भेजा है उसने मुझे पास तेरे, कहने को ये,
कि वो घर परिवार में थोड़ा उलझा है।
💐 रीना कुमारी प्रजापत 💐
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







