सामने तस्वीर है आँखों में है पानी
याद आ रही है तुम्हारी हर कहानी
जुस्तजू जिसकी थी वो तुम हीं तो थे
मिल कर भी मिल न पाए लगा ज़िंदगी बेमानी
जो मिला वो सब धुआंँ-धुआँ था
मगर खो कर जाना थी हाय वही ज़िंदगानी

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
सामने तस्वीर है आँखों में है पानी
याद आ रही है तुम्हारी हर कहानी
जुस्तजू जिसकी थी वो तुम हीं तो थे
मिल कर भी मिल न पाए लगा ज़िंदगी बेमानी
जो मिला वो सब धुआंँ-धुआँ था
मगर खो कर जाना थी हाय वही ज़िंदगानी
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