जिंदगी है,
जिंदगी होती है,
पर रहती नहीं है,
इसलिए मौत होती है,
मौत रहती है,
पर नहीं होती है,
इसलिए जिंदगी,
निश्चित ही रहती है,
पर होती है फैली हुई,
समुद्र की तरह,
जगह स्थान की तरह,
खाली स्थान की तरह,
बारीक धूल कण की तरह,
हमेशा है,
पर निश्चित लहरों की तरह रहती है,
आती है,
फिर लहर खत्म हुई,
रहती नहीं है,
तब मौत होती है,
जो हमेशा रहती है,
पर हमेशा होती नहीं है,
वो निश्चित ही होती है,
अतः जिंदगी होती है,
मौत रहती है।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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