जब तलक भीगी तेल में बाती रहेगी
इस दिए से यह रोशनी आती रहेगी
आँगन में खड़ा पेड़ है घर की शान
कोई चिड़िया नित चहचहाती रहेगी
आंसू भरकर स्कूल आया है बच्चा
खेलकर साथ में उदासी जाती रहेगी
नफरत की इस दुनियां में निरन्तर ही
तेरे प्यार की खुशबू हमें आती रहेगी
उड़ गया सारा भरम उम्र के इस मोड़ पे
जिस्म मिटकर भी रूह बस आती रहेगी
पंख कतरे हैं परिंदे दास उस बेज़ुबाँ की
उड़ने की चाह में ये जान भी जाती रहेगी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







