पाकर सम्पूर्ण उसे,उसके ही अक्ष का आधा हों जाना
इतना आसान नहीं किसी का इश्क़ में राधा हों जाना
बनने-संवरने का शौक था जिसको बहुत बड़ा चाँव था
उसका विरह में खो जाना,आसान नहीं सादा हों जाना
कितने इल्ज़ाम सहे होंगे बदनामी के भी दाग़ सहे होंगे
इतना आसान नहीं किसी बादशाह का प्यादा हों जाना
जीने की एक उम्मीद लिए दर्द सहता रहा उम्रभर क़ो
कितना तकलीफ़देह होगा मरने पऱ आमादा हों जाना
एक ख़्वाबी मंजिल के पिछे जिसने उम्र जाया कर दी
बिना पश-पा के मुमकिन नहीं युहीं बे-इरादा हों जाना
कृष्णा की अज़ीयत क्या जाने ज़ब तक ख़ुद पे न बीते
पीड़ा कम होते-होते अचानक सें फिर ज्यादा हों जाना
-कृष्णा शर्मा
पश-पा = पूरी तरह टूट कर बिखर जाना


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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