इस क़दर दूर ना जाओ
कि पास आ ना सको।
अपने बिछड़ने का गम
फिर भूला ना सको ।
तड़प कर रह जाओ
आहें भर भर के
चाहो भी तो तुम
मुझे बुला ना सको।
इस क़दर दूर ना जाओ
कि पास आ ना सको..

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
इस क़दर दूर ना जाओ
कि पास आ ना सको।
अपने बिछड़ने का गम
फिर भूला ना सको ।
तड़प कर रह जाओ
आहें भर भर के
चाहो भी तो तुम
मुझे बुला ना सको।
इस क़दर दूर ना जाओ
कि पास आ ना सको..
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