होश में होश नहीं है होश का क्या करें,
हम तेरी चाहत में नजर आने वाले,
दर्द ए दावा बहुत करा आवाजों में कहाँ तुम चुप हो,
बात है सारी खिड़कियों पर दरवाजे क्यूँ बंद हो,
होकर भी रहना मुश्किल लग रहा कितना करना है ज़ख्म ए दाग है ज़मीं पे,
तुम्हारी आहट में मर गया एक साधारण अब दीवाना मिल रहा है,
दिल में दिल है तुम्हारा दिल उसे कुबूल तो करें,
नजरे बचा लोगे तो भी नजारे तुम्हारे लिए छत बना देंगे,
इश्क में इश्क़ क्यूँ इश्क़ की इबादत और आदत इश्क़ है,
हम तेरी चाहत में नजर आने वाले। ।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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