"है इसलिए हो रहा है,
हो रहा है इसलिए तुम कर रहे हो।"
"हकीकत है जो एक सपना देखती है,
वह लगती हमें माया है।
उस सपने में हम दिखते हैं,
लेकिन हकीकत की हकीकत हकीकत है,
क्योंकि हकीकत के भीतर हम हैं और हकीकत बाहर से हकीकत।"
"जब हकीकत पूर्णता में खुद हकीकत है,
तो हमें लगती माया है क्योंकि हम भीतर हैं,
और भीतर का तो सबको लगता है कि यह क्या है।"
"है इसलिए होता है, होता है तो (अगर) नहीं होता,
तो करता क्या?"
"है तभी होता है, होता है तभी करता है, नहीं होता तो..."
नहीं होता तो करने का कारण होता नहीं।"
"जो है, जो होता है, वही उसके लिए कर रहा है...
यानी जो है, उसी में तो कर पा रहे हैं।"
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







