"विचार सावधान रहे, क्योंकि वह प्राकृतिक/स्वाभाविक चीज़ों में हस्तक्षेप कर सकता है।”
"कोने में हँसता हुआ मनुष्य स्वयं को विभाजित कर देता है।”
"जो मृत्यु का ज्ञान पा लेते हैं,
वही जीवन का सृजन करना जानते हैं।”
“मैं इस विशाल पृथ्वी पर मौजूद हूँ, लेकिन क्या मेरे अस्तित्व का कोई अर्थ या पहचान है? और जब जीवन स्वयं संघर्ष है, तो उसे जीने की यात्रा भी इतनी कठिन क्यों है?”
"विकल्पों का आईना,
तुम देखते हो,
तुम तय करते हो, '
नहीं' तुम कहते हो,
हर दृश्य पर विश्वास करो; मन ही कारण है, मन ही स्रोत है,
आधे भरे तालाब जैसी गहराई है, जहाँ हर रोज़ एक परछाई है।"
"जब तुम कर रहे हो, जो हो रहा है।"
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







