सच की आवाज आ रही है कहीं से,
लगता है यहां फ़रेब की दीवार है कोई,
हर किसी को चाहिए यहां हुस्न ए आलम,
लगता है दिल से यहां बीमार है हर कोई..!
@कमलकांत घिरी ✍️

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
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सच की आवाज आ रही है कहीं से,
लगता है यहां फ़रेब की दीवार है कोई,
हर किसी को चाहिए यहां हुस्न ए आलम,
लगता है दिल से यहां बीमार है हर कोई..!
@कमलकांत घिरी ✍️
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