तेरी समझ में आज भी अच्छाई होगी।
दिल की बात जुबान पर न आई होगी।।
किस तरह पढ़ लेती तजुर्बा कच्चा नही।
शरारत आई गई चेहरे पर न छाई होगी।।
सामने रहकर इशारों में बाते करती रही।
गुलाबी दिखती नज़र पर न लाई होगी।।
होंठो को छूकर सूरज सा निकल आता।
मोहब्बत में कभी ठिठुरन न आई होगी।।
तकरार अक्सर मोहब्बत की निशानी है।
खुशी के हाथो में ना दर्द न दवाई होगी।।
घर ही चमन खुशबू भरा होगा 'उपदेश' ।
ऐसी मोहब्बत में कभी न महंगाई होगी।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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