डरते नहीं हैं हम
मरते नहीं हैं हम
देख कर तेरे तलवार को
देख कर तेरे कटार को
हम गंगा किनारे वाले
हैं हम वीर मतवाले
हैं हम बड़े दिल वाले
हैं हम फौलादी बांहों वाले
हैं हम फौलादी सीने वाले
कोई काट नहीं सकता हमें
कोई बांट नहीं सकता हमें
है कूट कूट कर भरी हुई कुर्बानी
हैं हम बलिदानी,हैं हम स्वाभिमानी
हां,हम बागी हैं
पर नहीं दागी हैं
हम जानते हैं शत्रुओं से टकराना
हम जानते हैं बाधाओं से टकराना
हम जानते हैं शत्रुओं को हराना
हम हैं हल्दी घाटी के मैदान से
हैं हम चितौड़गढ़ के मैदान से
हैं हम प्रताप के जन्म स्थान से
हैं हम वीरों के राजस्थान से
वहीं से पुर्वज हमारे बलिया में आए
हम बागी बलिया वाले कहलाए
हम देंगे जान, हिंदुस्तान के लिए
है हथेली पर जान तिरंगे की शान के लिए
सबसे पहले आजादी जहां हम लाए
सबसे पहले तिरंगा हम फहराए
परिचय इतना इतिहास यही
जाओ,पढ़ लो खाता बही।
गुदरी सिंह के टोला, पांडे पुर,बैरिया, बलिया, उत्तरप्रदेश


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







