खेलने के लिए ,
दिन भर बाहर ,
घूमने वाले,
बच्चों को मां,
तीन दशक पहले,
डरा धमका कर,
अंदर लाती थी,
पढ़ने के लिए ,
लेकिन आज ,
मां ,
अंदर मोबाइल पर,
दिन भर मस्त ,
बच्चों को ,
धकेलती है ,
घर से बाहर ,
खेलने के लिए !
✒️ राजेश कुमार कौशल

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
खेलने के लिए ,
दिन भर बाहर ,
घूमने वाले,
बच्चों को मां,
तीन दशक पहले,
डरा धमका कर,
अंदर लाती थी,
पढ़ने के लिए ,
लेकिन आज ,
मां ,
अंदर मोबाइल पर,
दिन भर मस्त ,
बच्चों को ,
धकेलती है ,
घर से बाहर ,
खेलने के लिए !
✒️ राजेश कुमार कौशल
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