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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

भटकती कश्ती को

भटकती कश्ती को जैसे किनारा मिल गया,
जवाब तो तूफानों को, करारा मिल गया!

चीर कर अंधेरों को तुमने राह रौशन कर दिया,
हमें अब तो जीने का इशारा मिल गया!

पांवों में बेड़ियां खूब लगाई, ज़माने ने
तुमने हाथ थामा, हमें आवारा मिल गया !

घर की चारदीवारी में घुटकर रह गयी थी,
तुमसे बंधी तो दिल को, बंजारा मिल गया!

आसमान तो खुले थे,पर पंख मेरे बंधे थे,
आंगन में तुम्हारे, आजादी का पिटारा मिल गया!

स्कूल, किताबें,रसोई से, मेरी दुनिया बड़ी थी,
अपनी हूनर दिखाने का, नजारा मिल गया!

पाऊं अगर साथी,सात जन्मों तक तुम्हें पाऊं,
धमनियों को धड़कने का,जो गुजारा मिल गया!!

( कुछ हूनरमंद लड़कियां मायके में बंधनों की मर्यादा में जकड़कर रह जाती हैं,पर उन्हें समझदार साथी मिल जाए तो दुनिया को अपनी हूनर दिखाने का सौभाग्य मिल जाता है)


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (4)

+

पवन कुमार "क्षितिज" said

घर की चारदीवारी में घुटकर रह गयी थी,
तुमसे बंधी तो दिल को, बंजारा मिल गया!.. क्या परफेक्ट लिखा है..वाह वाह 👌👌👌

सुप्रिया साहू said

वाह वाह वाह....हर लड़की यही चाहती है जो हुनर उसके घरवालों ने कभी ना समझा हो उस हुनर को उसके जीवनसाथी समझे और उस हुनर को उड़ान भरने दे, ऐसी कई लड़कियां हैं जो कुछ करना तो चाहती है मगर घरवालों के चलते कुछ कर नहीं पाती यहां तक उन्हें सब पता होता है लेकिन लोग क्या सोचेंगे करके उन्हें घूमने, फिरने, हुनर दिखाने का मौका नहीं देते, बहुत खूबसूरत विषय और उससे भी खूबसूरत रचना मनोज सर 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

वन्दना सूद said

Very true
Aisi destiny sabko mil jaaye to sab sukhi ho jaayen

Lekhram Yadav said

देखने को हुनर हमें तुम्हारा मिल गया,
अच्छा हुआ उनको अब सहारा मिल गया
बहुत खूबसूरत रचना किसी की खुशियों का एहसास दिलाती एक खूबसूरत रचना, आपको सादर नमस्कार समदिल भाई।

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