सुरूज जोत में करंव आरती
लागंव तोर पंइया
हे भारत के भुंइया !!
हे भारत के भुंइया!!
उत्तर हिमालय हीरा मोती
तोर माथा के मुकुट बंधाय
दक्षिण में तोर पांव पखारत
सागर लहर लहर लहराय
गावय पूरब ले पुरवाई
पश्चिम बादर झुमरत आय
चारों दिशा स्वागत में झूमे
नाचय नाच नचइया
हे भारत के भुंइया!!
हे भारत के भुंइया!!
साधू संत देवी देवता
हमर देस के मान हे
गंगा जमुना मंदिर पूजा
एही हमर पहिचान है
जनमानस के हिरदे मं
सबों धरम ह समान हे
विश्व शांति के अमर संदेशा
छाती ठोक देवइया
मोर,हे भारत के भुंइया!!
हे भारत के भुंइया!!
सुरूर जोत में= सुबह की रौशनी में
लागंव तोर पंइया - छूकर तुम्हें प्रणाम करूं
छाती ठोक - पूर्ण अधिकार से, स्वाभिमान के साथ।।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







