Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

अंतर्मन की बातें

अंतर्मन की बातें
अंतर्मन की ये बातें,
अंतर्मन मे रह जाती हैँ।
अधरों तक आकर ये बातें,
अधरों पर ही रह जाती हैँ।
महफ़िल मे मन की ये बातें
सरेआम कही नहीं जाती हैँ।
कोई मीत मिला ना मुझे ऐसा,
जो मेरे ह्रदय को समझ सके।
जीवन के सफ़र मे कोई साथी
मेरे साथ दूर तक चल सके।
हाथ थाम हाथों मे वो
उम्र भर साथ निभा सके।
जीवन मे आये दुख -सुख को भी
साथ मेरे वो बाँट सके।
अंतर्मन की बातों को
आँखों से ही पढ़ सके।
दीप, पुष्प सजा थाल मे
मै उसकी प्रतीक्षा करती हूँ।
कभी तो मिलेगा सच्चा साथी,
उम्मीद लगाये बैठी हूँ।
सरिता पाठक


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (8)

+

उपदेश कुमार शाक्यावार said

बहुत सुन्दर पंक्तियाँ भावविभोर करती..आपको नमस्कार

सरिता पाठक replied

धन्यवाद सर जी सादर प्रणाम 🙏

ममता तिवारी said

वाह बहुत सुंदर अभिव्यक्ति लाजवाब काफी सुंदर अंतर्मन की बाते बहुत खूबसूरत रचना लाजवाब 🙏🙏👌👌

सरिता पाठक replied

धन्यवाद ममता बहन 🙏

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' said

bahut sudar rachna ..... sadar pranaam aapko

सरिता पाठक replied

धन्यवाद रीना बहन प्यार और आशीर्वाद ❤️

सुप्रिया साहू said

अनकही बातें जो सिर्फ अंतर्मन में है, बहुत खूबसूरत हृदयस्पर्शी रचना 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

सरिता पाठक replied

धन्यवाद सुप्रिया बहन, सादर नमस्कार 🙏

ममता तिवारी said

बहुत बहुत बधाई सरिता मैडम जी आपको भी स्वतंत्रता दिवस कि हार्दिक शुभकामनाएं नमस्ते🙏🙏👌👌

सरिता पाठक replied

आपको भी स्वतंत्रता दिवस की बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनायें 🙏🙏

पवन कुमार "क्षितिज" said

अधरों में जो बाते रह गई थी, वो आपने उस महफ़िल में बयां कर दी, हमें भी आपकी भावनाओं से रूबरू कर दिया आपकी इस रचना ने..बहुत ही बढ़िया लिखा...

सरिता पाठक replied

धन्यवाद पवन भईया जी आपको सादर प्रणाम 🙏

कृष्णा शर्मा said

मन की पीड़ा मन की बाते मन ही जाने 👏👏👏
बहुत खूबसूरत रचना 👏👏👏
सादर प्रणाम 🙏
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं नमस्ते🙏🙏👌👌

सरिता पाठक replied

धन्यवाद कृष्णा जी, सादर प्रणाम 🙏

Lekhram Yadav said

बहुत खूबसूरत रचना आपको सादर नमस्कार

सरिता पाठक replied

धन्यवाद भईया जी, आपको सादर प्रणाम 🙏

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