अनकही बात (नज़्म)
वो जो कुछ तुमने कहा नहीं
वो जो कुछ मैंने सुना नहीं
अब मुझको वो सारी बातें
साफ़-साफ़ सुनाई देती हैं
कैसे तुम्हारी याद से पहले
कॉल तुम्हारा आता है
तुमको कुछ होने से पहले
दिल मेरा घबराता है
हां अब तक हमने एक दूजे को
ये भी नहीं बताया है
कि एक दूजे के दिल में
हमने घर बनाया है
पिछले हफ़्ते जब मैं तुमसे
आखिरी बार मिला था तब
उस वक्त भी कुछ कहते-कहते
रुक से गए हमारे लब
क्या है ये? मोहब्बत है या
और कोई सी बात है ये
क्यों तन्हा-तन्हा से दिन हैं?
क्यों खोई सी रात है ये?
लेकिन ये है जो कुछ भी वो
अब बड़ा ही अच्छा लगता है
बिना नाम का अब ये रिश्ता
कितना सच्चा लगता है
कुछ बातें अनकही ही रहकर
कैसे कह देती हैं सब कुछ?
अनमोल


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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