वक़्त
जब न हमारी राहें बदल सका और न हमारी मंज़िलें ही बदल सका
तब वक़्त ने हमें ही बदल दिया
ख्वाहिशें तो आज भी वही है
मगर अब उन राहों पर जाने का मन नहीं करता..
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







