पता नहीं जब लोग अपने आप को ही नहीं जान पाते ,
तो दूसरों को पहचान गए ऐसा दावा कैसे कर सकते हैं ??
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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पता नहीं जब लोग अपने आप को ही नहीं जान पाते ,
तो दूसरों को पहचान गए ऐसा दावा कैसे कर सकते हैं ??
वन्दना सूद
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