बंदिशें इसे पसन्द नही
आसमाँ अपने नाम चाहती है
ना जाने ये कैसी लड़की
अपनी ही धुन में रहती है
प्यार करे सब कुछ लुटा दे
गुस्से में किसी की न सुनती है
ना जाने ये कैसी लड़की
अपनी ही धुन में रहती है
दलील रखती अपने ख्यालो में
'उपदेश' को सुनाना चाहती है
ना जाने ये कैसी लड़की
अपनी ही धुन में रहती है
मुफ्त की रोटियाँ पसन्द नही
खुद की कमाई खाना चाहती है
ना जाने ये कैसी लड़की
अपनी ही धुन में रहती है
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







