"मुझे वो स्त्री नहीं बनना जो मर्द की आंखों से डरें,और अपने स्वाभिमान का सौदा करके, चुल्हे चौके तक सीमित रहें,
मुझे मेरा अस्तित्व बनना है जो अपने चेहरे से नहीं अपनी काबिलियत से मर्द के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलें।
Writer - नीतू नागर अम्बर नरसिंहगढ़ मध्यप्रदेश


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







