कुछ वक्त से जिंदगी महकने लगती है ,
मीठी तीखी सी फिजाओं में घुलने लगती है ,
यू तो आज़ादी सबको प्यारी है गफ़न से ,
एक वक्त पर यह भी खलने लगती है .......
तेजप्रकाश पाण्डेय ✍️✍️✍️♥️♥️♥️♥️

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
कुछ वक्त से जिंदगी महकने लगती है ,
मीठी तीखी सी फिजाओं में घुलने लगती है ,
यू तो आज़ादी सबको प्यारी है गफ़न से ,
एक वक्त पर यह भी खलने लगती है .......
तेजप्रकाश पाण्डेय ✍️✍️✍️♥️♥️♥️♥️
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम