पूनम श्रावण री उजली,उतरो उजलो वीर,
डोरी बांधती बेनड़ी,कहवे सुणो जामण जाया वीर
बखत पड़ीया बेगा आवजो,बनजो म्हारी ढाल जिवता,जगे में वचन बेनड़ी,आसी माड़ी जायों आल,,,,,,,,,

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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पूनम श्रावण री उजली,उतरो उजलो वीर,
डोरी बांधती बेनड़ी,कहवे सुणो जामण जाया वीर
बखत पड़ीया बेगा आवजो,बनजो म्हारी ढाल जिवता,जगे में वचन बेनड़ी,आसी माड़ी जायों आल,,,,,,,,,
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