कोई ज़रूरत
न एहसास है तू
बाक़ी नज़र की
बस एक प्यास है तू
दुनिया के बारे में
नहीं जानती मैं
मेरे लिए हाँ
बहुत ख़ास है तू ।
-डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
कोई ज़रूरत
न एहसास है तू
बाक़ी नज़र की
बस एक प्यास है तू
दुनिया के बारे में
नहीं जानती मैं
मेरे लिए हाँ
बहुत ख़ास है तू ।
-डाॅ फौज़िया नसीम शाद
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम