शाम नील नीरव गगन में
पंछियों का समूह संवाद
पंक्तिबद्ध समांतर उड़ान का
नयनाभिराम सौंदर्य, जब
हृदयांकित हो, मन के
इकतारे को झंकृत कर दे,
और.......
तितलियों और फूलों की
रंगीनियाँ, अठखेलियाँ करें,
मधुर -मद्धिम समीर की
सहभागिता को दरकिनार करें
इक- दूजे के कानों में
फुसफुसाती प्रणय -संबोधन
को देखकर, जब हमारे
कोमल कर्णद्वार मधुमय
ध्वनियाँ, महसूस करने लगे,
और....
पारस- घर्षित, स्वर्ण- सुगंधित
दिनेश- रश्मि जब स्पर्श कर
हमारे तन रोम ऊर्जित करे,
चंद्रप्रभा का शैतल्य,
टूटते तारों का उगलता दग्ध किरण
मन में अभिलाषाओं का
मधुमासी सृजन करे,
और.....
तब....
तब हम उस जगदीश्वर का
उसी मन से धन्यवाद करें
जिस मन का सृजन उन्होंने
"प्रेम" के लिए किया है।।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







