तेरी खामोशियों में भी कोई बात लगती है,
तेरी हर एक अदा मुझे खास लगती है।
तू सामने हो तो दुनिया भूल जाता हूँ,
तू दूर हो तो हर घड़ी उदास लगती है।
तेरी आँखों में जो देखा था कभी प्यार मुझे,
आज भी वही तस्वीर मेरे पास लगती है।
न माँगा चाँद, न सितारे, न कोई दौलत मैंने,
तेरी एक मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी सौगात लगती है।
किसी और के होने का ख्याल भी अच्छा नहीं लगता,तेरी मोहब्बत ही मुझे मेरी ज़िंदगी-सी लगती है।
लोग कहते हैं इश्क़ में सब कुछ खो जाता है, मुझे तो तेरा इश्क हर बार नया कर जाता है
✍️चुनचुन यादव ----------


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







