मोहब्बत दोनों तरफ़ है, मगर बात नहीं होती,दिलों में प्यार रहता है, मुलाक़ात नहीं होती।
वो भी शायद याद करती है मुझे मेरी तरह,
मगर किस्मत में हर रोज़ की बात नहीं होती।
हम दोनों जानते हैं, एक-दूजे के हैं फिर भी,
कभी हाल पूछने की भी शुरुआत नहीं होती।
मैं उसका नाम लिखता हूँ अपनी हर ग़ज़ल में,मगर उसके लबों पर मेरी बात नहीं होती।
न जाने कैसी दूरी है हमारे दरमियाँ अब,
पास होकर भी दिलों की मुलाक़ात नहीं होती।
वो खुश रहे—बस यही दुआ निकलती है दिल से,हर चाहत को मुकम्मल करने की औक़ात नहीं होती।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







